सागर। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पद को लेकर पिछले करीब एक माह से चल रहा विवाद गुरुवार को हुई पुनर्मतगणना के बाद थम गया। पुनर्मतगणना में अंकलेश्वर दुबे ने 11 वोट के अंतर से जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद बरकरार रखा। परिणाम सामने आने के बाद अधिवक्ताओं के बीच चल रही चुनावी खींचतान पर विराम लग गया।
अध्यक्ष पद के चुनाव में शुरुआती मतगणना के बाद अंकलेश्वर दुबे को विजेता घोषित किया गया था। इसके बाद मतों की संख्या और मतपत्रों की गिनती को लेकर आपत्ति सामने आई थी। मामले ने राज्य अधिवक्ता परिषद से लेकर हाईकोर्ट तक का रुख किया। हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को सुनने के बाद मामले को दोबारा विचार के लिए विशेष समिति के पास भेजा था।
वीडियोग्राफी के बीच हुई पूरी प्रक्रिया
राज्य अधिवक्ता परिषद की विशेष समिति के निर्देश पर गुरुवार को अध्यक्ष पद के मतों की पुनर्गणना कराई गई। प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि मतगणना को लेकर किसी तरह की नई आपत्ति की गुंजाइश न रहे। पुनर्गणना के बाद अंकलेश्वर दुबे को 11 मतों से विजेता घोषित किया गया।
पहले 7-8 वोट से आया था परिणाम
21 अगस्त को जिला अधिवक्ता संघ के द्विवार्षिक चुनाव के लिए मतदान हुआ था। कुल 1336 अधिवक्ताओं ने मतदान किया था। 22 अगस्त को हुई शुरुआती मतगणना में अंकलेश्वर दुबे को 573 और संजय द्विवेदी को 565 वोट मिले थे। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों में जीत का अंतर 7 से 8 वोट बताया गया था।
इसके बाद मतगणना में शामिल मतपत्रों की संख्या को लेकर सवाल उठे और संजय द्विवेदी की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। इसी विवाद के चलते पुनर्मतगणना की प्रक्रिया शुरू हुई।
अब नई कार्यकारिणी के सामने कामकाज पर फोकस की चुनौती
पुनर्मतगणना के बाद अध्यक्ष पद को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब जिला अधिवक्ता संघ की नई कार्यकारिणी के सामने अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों, न्यायालय परिसर की सुविधाओं और संघ की व्यवस्थाओं को लेकर काम आगे बढ़ाने की चुनौती रहेगी।










