दिल्ली ब्यूरो
विश्व की सबसे बड़ी खाद्य और पेय उत्पादक कंपनी नेस्ले ने खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आने के बाद अपने शिशु आहार उत्पादों के विशिष्ट बैचों को बाजार से वापस मंगाने की घोषणा की है। कंपनी ने यह कदम अपने ‘एसएमए शिशु फार्मूला’ में एक संभावित जहरीले पदार्थ की मौजूदगी की आशंका के चलते उठाया है।
इस रिकॉल का मुख्य कारण इन उत्पादों में ‘सेरेउलाइड’ नामक विषैले पदार्थ की संभावित उपस्थिति है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह टॉक्सिन शिशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इसके सेवन से मतली, उल्टी और पेट में तेज ऐंठन जैसे लक्षण उभर सकते हैं।
खाद्य मानक एजेंसी (एफएसए) ने अपनी चेतावनी में स्पष्ट किया है कि सेरेउलाइड की सबसे खतरनाक बात इसकी ‘ताप-स्थिरता’ है। एजेंसी ने कहा, “सेरेउलाइड अत्यधिक ऊष्मा प्रतिरोधी होता है। इसका अर्थ है कि शिशु का दूध तैयार करते समय इस्तेमाल किए जाने वाले उबलते पानी या पकाने की प्रक्रिया से भी यह निष्क्रिय या नष्ट नहीं होता है”। यदि कोई शिशु इसका सेवन करता है, तो बीमारी के लक्षण बहुत तेजी से शुरू हो सकते हैं।
कंपनी ने कहा- ‘अत्यधिक सावधानी’ के तहत फैसला
नेस्ले ने ग्राहकों को भेजे गए नोटिस में स्पष्ट किया है कि यह एक ‘स्वैच्छिक रिकॉल’ है, जो कंपनी के सख्त गुणवत्ता और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया गया है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि उन्होंने यह निर्णय “अत्यधिक सावधानी बरतते हुए” लिया है, ताकि शिशुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। राहत की बात यह है कि नेस्ले के अनुसार, अब तक इन उत्पादों के सेवन से किसी भी बच्चे के बीमार होने की कोई पुष्ट रिपोर्ट सामने नहीं आई है।











